Musafir hindi

किताबो का सफरनामा

हैल्लो दोस्तो, हर बार हम आपके लिए बुक रिव्यू लाते है लेखक के बारे में जानकारी देते है लेकिन आज कुछ खास और उम्दा कार्य से आपको अवगत कराने जा रहे है। तो बने रहे अंत तक हमारे साथ सिर्फ और सिर्फ musafirhindi.com पर। दोस्तो आपने हमारे ब्लॉग पर Shopizen app पर पब्लिश हुई कई कृतियों के बारे में जाना। हमे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि शोपिज़न खास प्रज्ञाचक्षु के लिए ब्रेइल लिपि में पुस्तक भेट की है और आगे भी उनका ये उम्दा कार्य जारी रहेगा। शोपिज़न का मानना है कि कोई भी मनोरंजन से वंचित न रहना चाहिए।

डॉ. विष्णु प्रजापति जी को भी धन्यवाद। पहले लेखक जिनकी कृति “मुगटमणी” सबसे पहले ब्रेइल लिपि में प्रकाशित हुई है जिसके लिए विजय(मॉडर्न) भट्ट जी का काफी साथ सहकार रहा। शोपिज़न का यह काम सराहने लायक है। चूंकी सामान्य लोग जो कि देख कर पढ़ सकते है उसके लिए कई एप काम कर रही है लेकिन जो देख नही पाते उनका क्या तो उनके लिए शोपिज़न स्पॉन्सर कर रहे है जिसके लिए वे कोई फीस नही ले रहे और उन तक नॉवेल पहुँचा रहे है।

ब्रेइल लिपि एक खास प्रकार के फॉन्ट होते है जो प्रज्ञाचक्षु को सिखाये जाते है ताकि वे पढ़ सके। एसी किताबे बनाना आसान नही है इसमें ध्यान रखना पड़ता है जैसे फॉन्ट उपसे हुए होने चाहिए ताकि वे पढ सके। इस लिपि में लिखी गई किताब का खर्च 3 से 4 गुना बढ़ जाता है। नॉर्मल पर्सन जो किताब पढ़ते है यह उससे अलग होती है। तो प्रज्ञाचक्षु के लिए एक ऐसी भेट जो उन्हें भी नॉर्मल पीपल के जैसे किताब पढ़कर एक अलग ही दुनिया मे जाने देने का मौका बहोत ही प्रेरणादायक सोच है। अब तक भावनगर प्रज्ञाचक्षु लाइब्रेरी में शोपिज़न कई किताबें पहुँच चुकी है।

पब्लिशरो की दुनिया में शोपिज़न एक खास एप है जो ना सिर्फ लेखकों के हित में सोचती है। उनकी कृति हर किस्म के लोगो तक पहुँच पाए सब उसे पढ़ सके उसका भी खास ध्यान रखती है। एक लेखक को इससे ज्यादा क्या चाहिए कि उनके द्वारा लिखी गई नॉवेल या कोई कृति सब तक पहुँच सके।

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