Musafir hindi

किताबो का सफरनामा

हेलो दोस्तो, आज हम 2018 में रिलीज़ हुई मलयालम भाषा की फ़िल्म पेरोल के बारे में बात करेंगे। यह फ़िल्म सच्ची कहानियों पर आधारित है। यह फ़िल्म एक कम्युनिस्ट और कोमरेड एलेक्स नामक व्यक्ति की जिंदगी के बारे में है।एक ऐसा व्यक्ति जिसने अपनी जिंदगी में सब कुछ देखा प्यार की छांव और दुख भरा ताप। जिसको उसके लगभग सभी करीबी लोगों ने छोड़ दिया और एक ऐसे गुनाह के तहत जेल में रहना पड़ा जो उसने कभी किया ही नही।

पेरोल फ़िल्म 6 अप्रैल 2018 को रिलीज़ हुई थी जिसके निर्देशक है शरेथ संदीथ। लिड रोल में है ममूति। फ़िल्म का म्युज़िक दिया गया है शरेथ व एल्विन जोशुआ द्वारा।फ़िल्म की कहानी के बारे में देखे तो यह फ़िल्म पेरोल यानी कि प्रतिज्ञा पर कारामुक्ति पर आधारित है।

फ़िल्म की कहानी कुछ ऐसी है कि  अलेक्स नामक एक कम्युनिस्ट जिसका हँसता खेलता परिवार होता है। उसकी एक सौतेली बहन होती है जिसके लिए वो अपनी जमीन व घर तक बेच देता है। एक दिन कुछ यूं होता है कि परेशानी में आवेश में आकर एलेक्स से गलती होती है जिसकी सजा उसे जेल होती है,एक ऐसा गुनाह जो उसने कभी किया ही नही था। अपने अच्छे बर्ताव की वजह से 8 साल बाद जब उसे पेरोल पर बेल मिलती है तो उसका बेटे की वजह से उसकी बेल पास नही होती, बाद में अलेक्स की बहन की मौत होती है और आगे जेलर की कार्यवाही के तहत उसे पेरोल पर बेल मिलती है, बेल मिलते ही वह अपने बेटे को मिलने के लिए जूझता है। क्या उसकी जिंदगी में ऐसे ही हादसे होते रहेंगे? क्या वह जेल से छूट पायेगा? क्या अलेक्स को अपना बेटा मिलेगा? यही सब सवालो के जवाब के लिए आपको देखनी पड़ेगी यह फ़िल्म पेरोल। जो अब हिंदी में भी उपलब्ध है।.

फ़िल्म का लीड किरदार बड़ा ही रोचक है। ममूति जी की एक्टिंग काबिले तारीफ है। फ़िल्म स्टार्टिंग से लेकर दर्शको को जोड़े रखती है जिसमे अलग अलग इमोशन दिखाए गए है। जेल की दिनचर्या भी दिखाई गई है तो साथ मे ऐसे अफसर जो कैदी की भावनाओ को समझे। फ़िल्म में दिखाया गया है कि हर इंसान की कोई न कोई मजबूरी होती है कोई यू ही क्राइम नही करता।

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