Musafir hindi

किताबो का सफरनामा

हेलो दोस्तों स्वागत है आपके अपने ब्लॉग मुसाफ़िर हिंदी में । आज हम छोटी सी मुलाकात श्रृंखला में रूबरू होने जा रहे है हाल हो फ्लाई ड्रीम से प्रकाशित हुई किताब सिटी ऑफ ईविल के लेखक दिलशाद दिलसे जी से सिटी ऑफ ईविल इनकी प्रथम किताब आइये जानते है उनकी किताब एवम उनके बारे में।

1.अपने बारे मे बताइये कहा से आप और और आपका थोड़ा परिचय दीजिए ?

उतर : सबसे पहले तो आपका बहुत-बहुत आभार, जो आपने मुझे इस काबिल समझा। साथ ही साथ फ्लाइड्रीम के हरदिल अजीज जयंत जी और मिथिलेश गुप्ता जी का शुक्रगुजार हूं, जो मुझे इस काबिल समझा। कदम – कदम पर साथ दिया। उसके बाद सभी पाठकों का शुक्रिया, आपने मुझे एक लेखक के रूप में स्वीकार किया। आशा है आपका प्यार हमेशा बना रहेगा। हालांकि मेरा केवल एक ही नॉवल प्रकाशित हुआ है लेकिन आपके प्यार ने मुझे नए लेखक का एहसास नही होने दिया।
मेरा नाम दिलशाद अली है। मैं उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से हूँ।

2.लेखन की शुरुआत कहाँ से हुई और आपको लेखन मैं रुचि कैसे जगी ?

उतर : लेखन की शुरुआत की जाए तो यह बताने के लिए मुझे कई साल पीछे जाना होगा। जब मैं तीसरी या चौथी कक्षा में था तभी से मुझे कोमिक्स पढ़ने का शौक लग गया था। कोमिक्स प्रेमियों से तो आप वाकिफ ही हो। इसलिए यह नही बताऊंगा कि कैसे और किस तरह हमने छिपकर कोमिक्स पढ़ी। कोमिक्स की खातिर पिटाई का सामना भी किया था। कोमिक्स से बात नॉवल पर आ गयी। छोटी उम्र थी। लेकिन हम भी कोमिक्स पढ़कर कहानियों को गढ़ने की कल्पना करने लगे। जब मैं दसवीं कक्षा में पहुंचा तब मुझे शायरी का शौक पैदा हो गया। सर्वप्रथम मैंने शायरी ही लिखनी शुरू की थी। शायरी के साथ-साथ कब मैंने नॉवल लिख दिया पता ही न चला। सबसे पहला नॉवल मैंने बरहवीं कक्षा में लिख चुका था। लेकिन तब मुझे ज्यादा ज्ञान नही था। इसलिए उस नॉवल को अभी भी रखे हुए हूँ। तो कह सकते हैं मैंने लेखन की शुरुआत दसवीं कक्षा से शायरी से की थी।

3.सिटी ऑफ ईविल किताब का शीर्षक काफी रोचक है इसे लिखने की प्रेरणा कहा से प्राप्त हुई?

उतर: मैंने हर जॉनर की नॉवेल पढ़ी है। सच कहूँ तो मुझे सबसे कठिन जॉनर थ्रीलर-जासूसी लगता है। मैंने सोचा अगर मैं कुछ लिखुंगा तो अलग ही हटकर लिखुंगा। बचपन से ही मुझे फिल्मे देखने का शौक था। ज्यादा प्रभावित मैं हॉलीवुड मूवी से हुआ और अभी भी हूँ। तो मैंने भी हॉलीवुड की तर्ज पर लिखने की सोची। मुझे ख्याल आया कि क्यों न भारत में भी हॉलीवुड की तरह कहानियाँ हो और उस पर फिल्में बने। जिससे बाहर देश के लोग भी भारत का लोहा माने। इसलिए मेरा इरादा यही है कि मैं ज़्यादातर नॉवल हॉलीवुड मूवी को टक्कर देने के लिए ही लिखुंगा।
इसलिए मेरे दिमाग में सबसे पहले सिटी ऑफ इविल लिखने का आइडिया आया। कह सकते हो कि मुझे सिटी ऑफ इविल लिखने का आइडिया हॉलीवुड मूवी से आया।

4 अपनी किताब सिटी ऑफ ईविल के बारे मे बताइये ?

उतर : सिटि ऑफ इविल की कहानी भारत की एक छिपी हुई जगह से शुरू होती है। जो अजीब रहस्यमयी जगह होती है। वहाँ बड़ी संख्या में खजाना मिलता है। तब भारत उस खजाने का प्रयोग करके बुलेट ट्रेन का शुभारंभ करता है। इसे दुर्भाग्य कहो या कोई और रहस्य मानो, 2025 मे बुलेट ट्रेन की पहली यात्रा पर ट्रेन उसी रहस्यमय जगह पर पहुँच जाती है। जब वह टनल से गुजरती है तो ट्रेन रास्ते में ही गायब हो जाती है। ट्रेन पहुँच जाती है 1500 साल पुराने शहर में। जहां मुर्दे भी जिंदा होने लगते हैं। यहाँ मैं कहना चाहूँगा कि इसके अंदर हॉलीवुड से भी तगड़े और खतरनाक वीभत्स सीन रखें गए हैं। जिसे पढ़कर आपके मुंह से भी यही निकले कि वाकई, हॉलीवुड की टक्कर का नॉवल है। यहाँ मैं कह दूँ, कमजोर दिल के जरा उन खतरनाक सीन को संभलकर पढ़ें।

5 सिटी ऑफ ईविल हॉरर के साथ फ्यूचर की कहानी भी है तो इस किताब को लिखते वक्त क्या क्या तैयारी करनी पड़ी ?

उतर : तैयारी की बात की जाये तो बहुत कुछ याद रखना पड़ा था। कहानी 2025 से कई साल पहले से चलती है और 2025 में जाकर खत्म होती है। कहानी 1500 साल पहले के वक़्त में भी पहुँचती है तो हर किरदार और वक़्त को बहुत ध्यान में रखकर लिखना पड़ा। इसको लिखने के लिए एक बार इसका अंत भी बदलना पड़ा। कई बार शुरुआत को भी बदलना पड़ा था। तब जाकर यह नॉवल लिखा गया।

6.आपके आने वाले अन्य प्रोजेक्ट कौन से है ?

उतर :आने वाले प्रोजेक्ट की बात करूँ तो थ्रीलर और रोमांटिक नॉवल लिमिट ऑफ लव पर काम पूरा हो चुका है। अब फिलहाल मैं नेचर पर एक नॉवल लिख रहा हूँ। उस पर मैं सबसे ज्यादा मेहनत कर रहा हूँ। उसका नाम तो नही रखा गया है। लेकिन मैं उसे अपने जीवन का सबसे बढ़िया नॉवल मानूँगा। जहां भी गिफ्ट देने की बात की जाएगी तो नेचर पर लिखे मेरे नॉवल की चर्चा जरूर होगी।

7 .सिटी ऑफ ईविल के पाठको को क्या कहना चाहेगे ?


उतर :सिटि ऑफ इविल मेरा पहला नॉवल है। आप पढ़िये और अपनी बेबाक राय मुझे दीजिये। नॉवल के प्रति आपकी बुराई और अच्छाई एक लेखक को सीखने, मार्गदर्शन द्वारा आगे बढ्ने की राह दिखाती है। पाठकों से यही कहूँगा कि आपका प्यार बना रहे मेरे लिए यही सब कुछ है।
एक बार फिर से आपका और पाठकों का कोटि-कोटि धन्यवाद।

8 thoughts on “छोटी सी मुलाकात सिटी ऑफ ईविल के लेखक दिलशाद दिलसे जी के साथ

  1. पहले उपन्यास पर दिलशाद भाई को हार्दिक शुभकामनाएं।

  2. दिलशाद भाई को बहुत बहुत बधाई हो आखिरकार भाई का पहला उपन्यास आ गया।
    दिलशाद भाई से मुलाकात आज से एक साल पहले हुई थी दिलशाद भाई स्वभाव के बहुत अच्छे व्यक्ति है, मुझे सिटी ऑफ इविल उपन्यास का बेसब्री से इंतजार है… जैसे ही आता है वैसे ही उपन्यास पढ़कर अपनी राय प्रकट करता हूं ।

  3. दिलशाद भाई आपको बहुत बधाई। आपके और आपकी लेखनी के बारे में और ज्यादा जानकारी मिली। आपको इस पुस्तक की हार्दिक बधाई और भविष्य के लिए ढ़ेर सारी शुभकामनाएं।
    -प्रहलाद नारायण माथुर

  4. अपनी पहली किताब को लेकर दिलशाद भाई जी को बहुत-बहुत मुबारकबाद।
    मैं आशा करता हूं इनकी पहली किताब *सिटी ऑफ ईविल* सभी पाठकों को पसंद आए अभी तक तो यह मेरे पास पहुंची नहीं है बहुत जल्द पहुंचने वाली है पढ़ कर बताऊंगा जरूर।

  5. बहुत बहुत मुबारकबाद आपके पहले नॉवेल के लिए,
    मैंने अभी पढ़ा तो नहीं, लेकिन मेरे एक जानकर ने बताया बहुत ही बेहतरीन नॉवेल है,और भी कई दोस्तो से पता चला बहुत ही अच्छी नॉवेल लेकर आए है, अपने ब्यक्तीगत परेशानियों के चलते अभी नॉवेल नहीं मंगवा पाया, जल्द ही पढ़ कर रिव्यू देता हूं

    आपके उज्जवल फ्यूचर की कामना

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