Musafir hindi

किताबो का सफरनामा

पुस्तक शीर्षक – फ्रेंड बॉयफ्रेंड जैसा

लेखक – सचिन त्यागी

प्रकाशन – फ्लाई ड्रीम

मूल्य – 150 रु

सवालों के सवाल लाये है,
न जाने कितने ख्याल लाये है।
एक दरिया समुंदर तक आ गया,
हम दोस्ती को मोहब्ब्त तक लाये है।

हेलो दोस्तों ! उपन्यास एवं कहानी विधा में प्रेम कहानियों को पाठक एवं लेखक सामान्य स्तर का मानते आए है क्योंकि उनका मानना है प्रेम कहानी कोई भी लिख सकता है। क्योकि उनका मानना है कि उसमें कोई शोध कार्य नही होता छंद नही होता बस भावनाये होती है । पर क्या यह पूर्ण सत्य है माना कि प्रेम कहानिया हर वर्ष ज्यादा प्रकाशित होती है पर उसी के साथ प्रेम कहानी की qaulity पर अधिक ध्यान दिया जाता है यानी कि कथानक संवाद पात्र के अर्क पर अधिक ध्यान देना ऐसी ही प्रेम कहानियों में कुछ हटकर लिखा गया उपन्यास फ्रेंड बॉयफ्रेंड जैसा है एक नया प्रयोग और एक शानदार कथानक के साथ उपयुक्त शेर भी इसी उपन्यास से लिया गया है आज हम इसी पर चर्चा करेंगे।

उपन्यास फ्रेंड बॉयफ्रेंड जैसा लेखक एवं कवि सचिन त्यागी द्वारा लिखा गया दूसरा उपन्यास है जिसे प्रकाशित किया है फ्लाई ड्रीम पब्लिकेशन ने सचिन त्यागी पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और साथ साथ मे कलम का जादू भी बिखरते रहते है सचिन त्यागी जी का प्रथम उपन्यास गुड बाई भी पाठको को बेहद पसंद आया था और फ्रेंड बॉयफ्रेंड जैसा भी दिलचस्प कथानक के लिए पाठको का प्रिय बना हुआ है ।

अब बात करते है कथानक की तो यह किताब पूर्ण रूप से अन्वी और किशन की दोस्ती की कहानी है । मैंने प्यार किया के मनीष बेहल का बोला गया डायलॉग की एक लड़का और एक लड़की कभी दोस्त नही हो सकते जो बाद में एक रूढ़ि बन गया और उसी रूढ़ि को चुनौती देता और पूर्ण रूप से तोड़ता उपन्यास है वही किशन जिसका सपना हिंदी किताबो का पब्लिकेशन हाउस खोलना है तो वही किशन और आरोही की जिंदगी आराम से चल रही होती है कि एक दिन अन्वी वापिस किशन की जिंदगी में आती है । सचिन जी की रसपूर्ण कविता और शानदार कथानक किताब को सफल बना देते है ।

अब बात करते पात्रों की तो उपन्यास में अन्वी ,आरोही, किशन , रोहन नाम के पात्र ही कथानक की पृष्ठभूमि पर ज्यादा दिखते है वैसे उपन्यास में बेहद कम पात्र है और इसी के चलते सारे पात्र के लेयर पर ज्यादा काम हुआ है हर पात्र जीवंत है आप किशन के सपने को जहा जीते हो वही अन्वी का चुलबुलापन आप के चेहरे पर हँसी लाता है । पाठक किताब के पात्र के साथ हँसता भी है और साथ साथ रोता भी है ।

अंत में बस इतना कहना चाहूँगा की उपन्यास फ्रेंड बॉयफ्रेंड जैसा उपन्यास कला के तत्व पर खरी उतरती है । और एक शानदार किताब है । फिर मिलेंगे अन्य किताब की समीक्षा के साथ तब यक के लिए अलविदा।

One thought on “फ्रेंड बॉयफ्रेंड जैसा- पुस्तक समीक्षा- book review- hindi edition

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