Musafir hindi

किताबो का सफरनामा

हैल्लो दोस्तो, आज हम बात करेंगे 20 वीं सदी की सबसे फेमस नॉवेल सिरीज़ “Harry Potter” की लेखिका J.K. Rowling के बारे में। जिन्होंने यह फंतासी उपन्यास लिखा जो इतना लोकप्रिय रहा कि करीब 500 मिलियन कॉपीज बिक चुकी है और अभी भी चालू है। जिसने 20th century में एक नया इतिहास रचा और फेमस best selling book sereis बनी। J. K. Rowling एक ब्रिटिश लेखिका के साथ साथ लोकोपकारी, फ़िल्म निर्देशक, स्क्रीन राइटर व टेलीविजन प्रोड्यूसर है। तो चलिए एक नजर डालते है J.K.Rowling Biography पर।

एक लेखक अनेक नाम

जे.के.रोलिंग पेन नेम के पीछे का रहस्य
जे.के.रोलिंग का पूरा नाम जॉन केथेलिन रोलिंग है। J.K.Rowling पेन नेम के बारे में जब उनके पब्लिशर से पूछा गया तो उनके प्रेडिक्शन के हिसाब से इस नॉवेल के टारगेट ऑडियंस की संभावना टीनएज बॉयज थे जो एक महिला द्वारा लिखी बुक नही पढ़ना चाहेंगे जिस वजह से जे.के. रोलिंग ने पूरा नाम न रख के सिर्फ पहले दो अक्षर रखना ही ठीक समझा। उनकी दुबारा हुई शादी के बाद उन्होंने कभी कभी जॉन मूरे के नाम से भी कहानियाँ लिखी। उनका एक और पेन नेम है Robert Galbraith जिसके तहत उन्होंने क्राइम फ्रिकशन बुक्स लिखी।

जीवन

रोलिंग का जन्म 31 july 1965 में येट, ग्लोशियर, इंग्लैंड में हुआ था। 4 साल की उम्र में वे अपने माता पिता के साथ यहां चली आयी थी और सेंट माइकल प्राइमरी स्कूल से शिक्षा ली। उसी स्कूल के प्रिंसिपल अल्फ्रेड डन के ऊपर डंबलडोर का किरदार बनाया गया था। बचपन से ही उनको कहानियाँ लिखने का बड़ा शोख था। वे उनकी बहन को अक्सर नई नई कहानियाँ सुनाते रहते थे। उनको फेंटेसी स्टोरीज़ लिखना बेहद पसंद था। बाद में उन्होंने वाईडेन स्कूल से सेकंडरी स्कूल की पढ़ाई की। उसी दौर में रोलिंग की आंटी ने उसे Jessica Mitford की ऑटोबायोग्राफी दी जिसका नाम था होन्स एंड रिबेल। जिसे पढ़कर वे बेहद प्रभावित हुई और उन्होंने जेसिका के द्वारा लिखी गई लगभग सारी किताबे पढ़ी।

रोलिंग का कहना था कि उनके टीनएज यर इतने अच्छे नही थे क्योंकि जब वे महज 11 साल की थी तब उनकी माता को multiple sclerosis नामक बीमारी हो गई। उनके अपने पिता से इतने अच्छे संबंध नही थे। उनके हिसाब से हैरी पॉटर में दिखाया गया किरदार हर्माइनी उनके इन्ही 11 साल की उम्र की स्थिति से प्रेरित है। हैरी पॉटर के कई किरदार भी उनके दोस्तों से प्रेरित है।

रोलिंग की दिल से ईच्छा थी कि वो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़े लेकिन उनको वो मौका न मिल पाया और उन्होंने एकशीटर यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की और एमेनेस्टी इंटरनेशनल कम्पनी में सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त हुई। बाद में मेनचेस्टर में रहकर उन्होंने चैंबर ऑफ कॉमर्स में भी काम किया।

एक दिन जब वे मेनचेस्टर से लंदन ट्रेन से आ रही थी तो उन्हें एक ख्याल आया कि जादूगरी स्कूल में कोई बच्चा पढ़ाई कर रहा है तो उसकी जर्नी कैसी रहेगी ? और यही से शुरुआत हुई हैरी पॉटर नॉवेल सिरीज़ की। इसके थोड़े समय बाद ही रोलिंग की माता का देहांत हो गया। अपनी माँ को खोना किसी भी बच्चे के लिए दुखदायी है। इससे रोलिंग दुखी रहने लगी लेकिन अपने दुख को बांटने के लिए भी उसने लेखन का सहारा लिया और अपना पूरा समय लेखन के साथ बिताने लगी।

संसारिक जीवन सफल नही

रोलिंग जॉब की तलाश में पुर्तगाल चली गयी। जहाँ उन्हें एक इंग्लिश टीचर की जॉब मिल गयी। जिससे वे रात में जॉब व दिन भर लिखने में व्यस्त रहती थी। कुछ समय बाद पुर्तगाल में रोलिंग की मुलाकात जर्नालिस्ट जॉर्ज ऑरेन से हुई। उनके खयालात काफी मिलते जुलते थे। दोनों धीरे धीरे करीब आते गए और 16 अक्टूबर 1982 को वे एक डोर से बंध गए यानी कि शादी कर ली। रोलिंग को जॉर्ज से एक बेटी हुई जिसका नाम उन्होंने रोलिंग की पसंदीदा लेखक जेसिका मिटफोर्ड के नाम जेसिका ही रखा। शादी के कुछ सालों बाद जॉर्ज और रोलिंग के बीच अनबन होने लगी जिससे रोलिंग के साथ घरेलू हिंसा होने लगी इसी कारण रोलिंग ने 17 नवंबर 1993 को तलाक ले लिया।

इस घटना के बाद रोलिंग ने कई मुश्केलियों का सामना किया। वह अपनी बहन के यहां स्कॉटलैंड में चली गयी और अकेले ही अपनी बेटी को पाला। इसी बीच वे हैरी पॉटर के तीन चेप्टर लिख चुकी थी। ये दिन रोलिंग के लिए कठिनाई भरे थे। एक तो उनकी शादी टूटी थी, बच्चे को संभालने की जिम्मेदारी और साथ ही जॉब भी चली गयी जी। जिस वजह से वे डिप्रेशन में रहने लगी। उन्होंने अपना खर्च निकालने हेतु वेलफेयर बेनिफिट्स का फॉर्म भरा जिसके तहत ब्रिटिश सरकार गरीब व सिंगल परेंट्स को गुजारे के लिए पैसे देती थी। इतनी परेशानियों के चलते भी उनका लिखना कभी बंद नही हुआ और आखिरकार “Harry Potter and the philosopher’s stone” लिखनी पूरी की।

1995 में अपने पुराने टाइप राइटर की मदद से उन्होंने ये नॉवेल पूरी की और पब्लिशिंग के लिए तैयार की। लेकिन उनकी हिम्मत ने तब जवाब दे दिया जब 12 पब्लिशिंग हाउस ने यह नॉवेल छापने के लिए मना कर दिया। एक साल बाद ब्लूमबेरी ने इस नॉवेल को छापने में सहमति जताई। लेकिन उनके एडिटर को लगता था कि यह बुक सफल नही हो पाएगी।

26 जून 1997 को यह बुक पब्लिश हुई और इसने धूम मचा दी। लोगो को यह बेहद पसंद आई और इसकी कई प्रतियाँ बिकने लगी जो किसीने कभी सोचा न था। पब्लिश होने के 5 महीने बाद ही उनको नेस्ले स्मार्टीज़ बुक अवार्ड मिला। चिल्ड्रन बुक ऑफ द यर का खिताब भी दिया गया। इस बुक के बाद और भी नॉवेल सिरीज़ आने लगी 4th सीक्वल ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। “Harry Potter The Goblet of fire” की करीब 3,72,755 कॉपीज सिर्फ एक ही दिन में बिक गयी।

2001 में रोलिंग ने डॉ. निल मूरे से दूसरी शादी कर ली और उनको एक बेटा हुआ।2003 को हैरी पॉटर की पांचवी नॉवेल प्रकाशित की गई और 2004 में जे.के. रोलिंग नॉवेल लिखकर अरबपति बनने वाली पहली महिला बन गयी। 2005 को हैरी पॉटर सीरीज़ की छट्ठी नॉवेल प्रकाशित हुई और 2007 को सातवी नॉवेल आयी। इस अंतिम नॉवेल ने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए पब्लिश होने के पहले दिन ही इसकी 11 मिलियन कॉपियां बिक गयी और The best selling book – All the time बन गयी। आखिरकार इस सातो किताबो पर कुल 8 फिल्मे बनाई गई।

अवॉर्ड

जे.के. रोलिंग को कई खिताब मिल चुके है जैसे Nestle smarties book prize, British children’s book of the year, National book awards children’s book of the year, Whitbread children’s book of the year, British book awards author of the year, Locus award, Hugo award for best novel, Bram stocker award.

जीवन मे आये इतने उतार चढ़ाव बाद भी अगर आप कुछ करने की ठान ले तो उसे जरूर हासिल कर सकते है जैसे कि रोलिंग ने किया। आपको J.K.Rowling Biography कैसी लगी यह हमें कमेंट कर जरूर बताए और ज्यादा से ज्यादा इस बायोग्राफी को शेर करे ताकि और लोग भी प्रोत्साहित हो। धन्यवाद।

One thought on “Harry Potter की लेखक j.k Rowling की कहानी biography hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *