Musafir hindi

किताबो का सफरनामा

पुस्तक शीर्षक – 3 ए एम

लेखिका – अमीषा शाह

अनुवादक – अलका कोठारी

प्रकाशन- शोपिज़ेन

मूल्य- 20 रु

हैल्लो दोस्तो, आज हम आपके लिए लेकर आये है एक Psycho-thriller book review। एक ऐसी कहानी जिसमे ना तो कोई फिल्मी ड्रामा है, ना ही कोई लड़ाई झगड़े,एक तरह से कहे तो एक मनोवैज्ञानिक गतिविधियों को बड़ी ही सुंदरता से चित्रण किया गया है। इस Psycho thriller नॉवेल का नाम है 3am. जो कि लेखिका “अमीषा शाह” द्वारा लिखी गई है। अमीषा जी ने यह नॉवेल गुजराती में लिखी है “ત્રણના ટકોરે” जिसका अनुवाद “अलका कोठारी” द्वारा हिंदी में किया गया है। आप इस नॉवेल को जानी मानी एप शोपिज़न पर पढ़ सकते है। आम तौर पर हम Horror में Thriller का तड़का देखते है लेकिन इस किताब में हमे अपने ही Conscious Mind और Subconscious Mind के बीच की प्रतिद्वंदीता देखने को मिलेगी। कैसे हमारे साथ घटने वाली पूर्व घटनाएँ हमारे Subconscious Mind यानी कि अर्धजागृत मन मे कैद होती है। कई बार ऐसा सुनने को मिलता है या आपने खुद महसूस किया होगा कि कुछ घटनाएँ ऐसी बनती है कि आपको लगता है कि ऐसा पहले भी आपने कही देखा है।

सबसे पहले तो हम अमीषा जी को धन्यवाद कहेंगे और बधाइयां देंगे कि उन्होंने इतनी बढ़िया नॉवेल लिखी। कथानक में झांक कर देखे तो शुरुआत में हमे यह नॉवेल Horror का फील देती है। मुख्य किरदार हेत्वी जिसका एक हँसता खेलता छोटा सा परिवार है। थोड़े दिनों से उसे रात को कुछ धुँधली तस्वीरे दिखाई देती थी और अचानक से उसे ऐसा लगता था मानो उसका शरीर किसीने बाँध दिया हो उतना अकड़ जाता था और ठीक रात के 3am उसकी नींद खुल जाती थी। कुछ दिनों से रोज उसके साथ ऐसा हो रहा था। उसको कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या किया जाए। धीरे धीरे उसे इस बात से डिप्रेसन होने लगा। उसे परेशान देख उसके दोस्तों ने भी उससे पूछा लेकिन उसने किसी को जवाब नही दिया। बाद में उसके दो दोस्तोने मिलकर उसकी परेशानी को खोजा और 3am का राज जानने में अपने प्रोफेसर की मदद ली। क्या हेतवी के दोस्त और प्रोफेसर इस राझ पर से पर्दा उठा पाएंगे। या वे भी इस के शिकार बन जाएंगे। ऐसा क्या हुआ होगा हेतवी के साथ जो ठीक रात को 3am उसकी नींद उड़ती है और उसे पूरे शरीर मे दर्द होता है। एक दिन तो ऐसा आया कि हेतवी ने एक लड़के की तरह कपड़े पहने और उसी तरह मर्दाना आवाज में बात करने लगी। एक किशोर की तरह पतली मुछ भी आयी थी। एक ही दिन में ऐसा क्या हुआ होगा कि हेतवी में इतने सारे बदलाव देखने को मिले। जानने के लिए पढ़िए 3am।

जैसा कि हमने बताया कि इस कहानी में कोई एक्शन, लड़ाई झगड़े नही है। सिर्फ और सिर्फ शाश्वत प्रेम देखने को मिलता है। एक दोस्त का दूसरे दोस्त के लिए। एक माँ का अपनी संतान के लिए। एक पिता का अपने परिवार के लिए। एक डॉक्टर की निस्वार्थ सेवा। सबसे बढ़िया किरदार मुझे डॉ. मिस्त्री का लगा जो सूझबूझ से सारे केस सॉल्व करते है। दूसरा हितेश का किरदार जो समर्पण की निशानी है। नॉवेल में जागृत और अर्धजागृत मन के बीच की लड़ाई दिखाई गई है। जो बेहद ही रोचक है। क्या आपको याद है कि बचपन मे आप क्या क्या करते थे? आप बोलेंगे कुछ कुछ याद है लेकिन अर्धजागृत मन हमारे साथ घटी कुछ अनकही दास्तानों को याद रखता है जब ये जागृत मन पर भारी पड़ जाए तो क्या कुछ नही हो सकता।

दोस्तो इस मन की जंग को जानने के लिए जरूर पढ़ें यह कहानी 3am सिर्फ और सिर्फ शोपिज़न एप पर और यह रिव्यू आपको कैसा लगा कमेंट कर जरूर बताए। ज्यादा से ज्यादा लोगो को शेर करे। धन्यवाद।

आप यह किताब नीचे दी हुई लिंक से खरीद के पढ़ सकते है।

https://shopizen.page.link/VSvb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *